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भारत मे कई
दशकों से मानव आहार में
पौष्टिक तत्वों की
कमी चली आ रही है
आज खाद्य समस्या
तो हल हो गई है
लेकिन मानव आहार
में प्रोटीन की
कमी अभी भी है मुर्गीपालन
पोषण के अतिरिकत
रोजगार भी प्रदान
करता है फार्मी
अंडो में निषेचन
नहीं होने से उनमे बच्चा
नहीं बनेगा इसलिए
वह निर्जीव रहता
है दूध की तरह ही
निर्जीव अंडा भी एक पशु
उत्पाद है लेकिन
अंडे के लिए यह एक
गलत धारणा है
की अंडा मांसाहारी
पदार्थ है | जबकि
दूध के लिए ऐसे गलत
धारणा नहीं है अंत फार्मी
अंडे का सेवन हर धर्म
एवं समाज को मानने वाले
लोग कर सकते है| यह
एक ऐसा व्यवसाय
है जिसमे ज्यादा
पढ़े लिखे
व्यक्ति की आवश्यकता नहीं
होती है तथा जिसे न्यूनतम
लागत से शुरू किया जा
सकता है देश के अनेक
भागो में मुर्गीपालन
एक विकसित उद्योग
के रूप में पनप रहा
है |
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